मुंबई : मुंबई के प्रतिष्ठित केईएम (KEM) अस्पताल से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा में है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कॉमेडी शो के वीडियो में शव (कैडवर) को लेकर की गई टिप्पणी के बाद विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले को लेकर मेडिकल समुदाय और डॉक्टरों के बीच नाराजगी देखने को मिल रही है।
जानकारी के मुताबिक, कॉमेडियन सेजल पवार और प्रणित मोरे के एक कार्यक्रम में मेडिकल शिक्षा के दौरान उपयोग किए जाने वाले कैडवर को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। वीडियो सामने आने के बाद कई डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों ने इसे चिकित्सा शिक्षा तथा दिवंगत व्यक्तियों के सम्मान के खिलाफ बताया।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब मुंबई के केईएम अस्पताल से जुड़े रेजिडेंट डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों ने इस पर कड़ा विरोध जताया। उनका कहना है कि मेडिकल छात्रों की पढ़ाई में कैडवर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और इस विषय पर मजाकिया या अपमानजनक टिप्पणी उचित नहीं है।
डॉक्टरों का मानना है कि चिकित्सा विज्ञान की शिक्षा में शरीर दान करने वाले लोग समाज के लिए बड़ा योगदान देते हैं। ऐसे में उनके प्रति सम्मान बनाए रखना जरूरी है। विरोध करने वाले चिकित्सकों ने इस तरह की टिप्पणियों को संवेदनशील विषयों के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रवैया बताया है।
विवाद बढ़ने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस शुरू हो गई। एक वर्ग ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात कही, जबकि कई लोगों ने चिकित्सा शिक्षा और शरीर दान करने वालों के सम्मान को सर्वोपरि बताया।
फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। मेडिकल समुदाय इस तरह की टिप्पणियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की मांग कर रहा है, वहीं सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।